पटना: बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। इन पोस्टरों में “बिहार में का बा?” शीर्षक के साथ राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को उजागर किया गया है। साथ ही, इन पोस्टरों में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की सावन महीने में आयोजित ‘मटन पार्टी’ को लेकर भी तीखा तंज कसा गया है।
राजद विधायक सनत कुशवाहा की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों में दो मुख्य मुद्दों को प्रमुखता दी गई है—हाल ही में अस्पताल परिसर में हुई गोलीबारी और ललन सिंह की मटन पार्टी। इन पोस्टरों के जरिए राजद ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सत्तारूढ़ नेताओं की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। इससे पहले, 15 जुलाई को पटना के जेपी गोलंबर, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल रोड और बोरिंग रोड चौराहा समेत कई स्थानों पर ‘बिहार में गुंडाराज’ के पोस्टर भी देखे गए थे। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीरों के साथ लिखा गया था, “बिहार में गुंडाराज, कारोबारियों पर कहर।”
पोस्टरों के चारों ओर हाल में हुई 8 हत्याओं का जिक्र था। इनमें गोपाल खेमका, दीपक शाह, विक्रम झा, संतोष राय, रमाकांत यादव, पुट्टू खान और वकील जितेंद्र मेहता जैसे नाम शामिल हैं, जिनकी हत्या हाल के दिनों में गोली मारकर कर दी गई थी।
इन पोस्टरों को लेकर जहां सत्ताधारी दल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, वहीं विपक्षी दल राजद ने इसे जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का एक जरिया बना लिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और भी गर्मा सकता है।